नागरिकता कानून को लेकर देशभर में मचे घमासान के बीच पिछले दिनों खबर आई थी कि हरियाणा सरकार ने अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा को 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' की ब्रांड एंबैसडर पद से हटा दिया है। अब इस मसले को लेकर सूबे की महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपनी सफाई दी है।
विभाग ने इस खबर को गलत बताते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। हरियाणा सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ ट्वीट करने पर परिणीति चोपड़ा को 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' की ब्रैंड ऐंबैसडर के तौर पर हटाने की खबरें गलत, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण है। यह एमओयू एक साल के लिए ही था और अप्रैल, 2017 में इसके समाप्त होने के बाद एमओयू का नवीनीकरण नहीं किया गया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर के अंदर पुलिस कार्रवाई की फिल्मी हस्तियों ने निंदा की थी। इसमें मोहम्मद जीशान अयूब, परिणीति चोपड़ा, सिद्धार्थ मल्होत्रा, जानेमाने लेखक जावेद अख्तर समेत कई हस्तियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए स्टूडेंट्स को समर्थन दिया था।
परिणीति ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताया था। उन्होंने लिखा था कि अगर नागरिकों द्वारा विचार सामने रखने के बाद हर बार यही होता रहे तो फिर कैब को भूल जाइए। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतांत्रिक कहना फिर छोड़ देना चाहिए। अपनी राय रखने के लिए निर्दोषों को पीटना बर्बरता है।
इस ट्वीट के बाद यह खबर आग की तरफ फैली की हरियाणा सकार ने उन्हें बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' की ब्रैंड ऐंबैसडर के पद से हटा दिया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रदेश सरकार के कदम की आलोचना भी की। अब महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ किया है कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है बल्कि एमओयू ही एक ही साल का था जो कि 2107 में ही खत्म हो गया था।
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